त्योहार खुशियों, मिलना-जुलना और स्वादिष्ट पकवानों का समय होते हैं। इस दौरान घर में मिठाइयां, नमकीन, तले हुए व्यंजन और अलग-अलग तरह के पकवान आसानी से उपलब्ध रहते हैं। ऐसे में सामान्य खाने की routine थोड़ी बदल जाना स्वाभाविक है।
हालांकि, त्योहारों के दौरान स्वादिष्ट भोजन का आनंद लेते हुए भी अपनी खाने-पीने की routine को संतुलित रखा जा सकता है। इसके लिए भोजन की मात्रा, समय और खाने की गुणवत्ता पर थोड़ा ध्यान देना जरूरी है।
खाने का समय बहुत ज्यादा न बदलें
त्योहार के कारण देर रात तक जागना या समय पर भोजन न करना routine को बिगाड़ सकता है। कोशिश करें कि नाश्ता, दोपहर का भोजन और रात का खाना लगभग सामान्य समय के आसपास ही हो।
अगर किसी कार्यक्रम में देर से खाना मिलने वाला है, तो बहुत ज्यादा भूखे रहने के बजाय समय पर हल्का और पौष्टिक भोजन कर सकते हैं।
मिठाई और तले हुए खाने में रखें संतुलन
त्योहारों में मिठाई और तले हुए व्यंजन पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। समस्या तब हो सकती है जब इन्हें बहुत ज्यादा मात्रा में या बार-बार खाया जाए।
आप इन बातों का ध्यान रख सकते हैं:
- मिठाई की छोटी मात्रा लें।
- एक साथ कई तरह की मिठाइयां खाने से बचें।
- बहुत ज्यादा तले हुए खाद्य पदार्थों को सीमित रखें।
- खाने की प्लेट में सब्जियां, दाल या अन्य पौष्टिक विकल्प भी शामिल करें।
- धीरे-धीरे खाएं और स्वाद का आनंद लें।
पानी पीना न भूलें
त्योहारों की व्यस्तता में कई बार पानी पीने पर ध्यान नहीं रहता। पर्याप्त पानी पीना रोजमर्रा की routine का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
घर से बाहर जाने या लंबे समय तक कार्यक्रम में रहने पर अपने साथ पानी की बोतल रख सकते हैं। मीठे पेय या बहुत अधिक शक्कर वाले drinks की जगह सामान्य पानी को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है।
बहुत ज्यादा भूखे रहकर पार्टी में न जाएं
कई लोग सोचते हैं कि दिनभर कम खा लेने से शाम को ज्यादा खाना संतुलित हो जाएगा। लेकिन बहुत ज्यादा भूख लगने पर व्यक्ति जरूरत से ज्यादा खा सकता है।
इसलिए दिन के बाकी भोजन को बिल्कुल छोड़ने के बजाय सामान्य और संतुलित भोजन करना बेहतर है। जरूरत के अनुसार फल, दही, सलाद या अन्य हल्का विकल्प लिया जा सकता है।
खाने के बाद थोड़ी activity रखें
त्योहारों में लंबे समय तक बैठे रहने की बजाय बीच-बीच में थोड़ा चलना-फिरना अच्छी आदत हो सकती है। भोजन के बाद तुरंत बहुत कठिन exercise करने की जरूरत नहीं है।
घर में हल्की activity, कुछ देर टहलना या सामान्य घरेलू कामों में सक्रिय रहना routine को संतुलित रखने में मदद कर सकता है।
रात में बहुत भारी भोजन से बचें
अगर दिनभर कई तरह के पकवान खाए हैं, तो रात का भोजन बहुत भारी रखने से बचें। जरूरत के अनुसार हल्का और संतुलित भोजन चुनें।
इसके अलावा, देर रात तक लगातार मिठाई, नमकीन या snacks खाते रहने की आदत को सीमित करना भी उपयोगी हो सकता है।
त्योहारों में ये छोटी आदतें अपनाएं
| आदत | क्या करें |
|---|---|
| मिठाई | छोटी मात्रा में लें |
| पानी | नियमित रूप से पिएं |
| भोजन | समय के आसपास रखें |
| तला खाना | सीमित मात्रा में लें |
| Activity | बीच-बीच में चलें |
| रात का खाना | जरूरत से ज्यादा भारी न रखें |
सबसे जरूरी है संतुलन
त्योहार साल में कुछ खास मौकों पर आते हैं। इसलिए केवल एक-दो बार पसंदीदा भोजन खाने को लेकर बहुत ज्यादा चिंता करने की जरूरत नहीं है। असली लक्ष्य यह होना चाहिए कि खाने की मात्रा और frequency पर संतुलन बना रहे और पूरी routine लंबे समय तक न बिगड़े।
अगर किसी व्यक्ति को diabetes, high blood pressure, food allergy या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या के कारण विशेष diet की सलाह दी गई है, तो त्योहारों में भी डॉक्टर या dietitian की सलाह के अनुसार भोजन करना बेहतर है।
FAQ
1. क्या त्योहारों में मिठाई बिल्कुल नहीं खानी चाहिए?
नहीं, सामान्य रूप से मिठाई को पूरी तरह छोड़ना जरूरी नहीं है। मात्रा और frequency को सीमित रखना बेहतर है।
2. त्योहार में ज्यादा खाना हो जाए तो क्या करें?
अगले भोजन को पूरी तरह छोड़ने के बजाय सामान्य संतुलित भोजन करें और पानी पीने तथा हल्की activity पर ध्यान दें।
3. क्या त्योहारों में पानी ज्यादा पीना चाहिए?
पानी शरीर की सामान्य जरूरत के अनुसार नियमित रूप से पीना चाहिए। प्यास और मौसम जैसी परिस्थितियों को ध्यान में रखें।
4. क्या तला हुआ खाना त्योहारों में खा सकते हैं?
खा सकते हैं, लेकिन मात्रा सीमित रखना और बाकी भोजन में पौष्टिक विकल्प शामिल करना बेहतर है।
5. क्या त्योहारों के दौरान exercise बंद कर देनी चाहिए?
जरूरी नहीं। समय कम हो तो भी हल्की physical activity, पैदल चलना या रोजमर्रा की activity जारी रख सकते हैं।
निष्कर्ष
त्योहारों के दौरान खाने-पीने की routine संतुलित रखने का मतलब पसंदीदा भोजन को पूरी तरह छोड़ना नहीं है। सही मात्रा में खाना, पानी पीना, भोजन का समय बहुत ज्यादा न बिगाड़ना और रोजमर्रा की activity बनाए रखना अच्छे संतुलन की आसान शुरुआत हो सकती है।