बिहार में NDA की शानदार जीत के बाद BJP ने नजरें पश्चिम बंगाल पर टिका ली हैं। 2026 विधानसभा चुनाव से पहले ‘मिशन बंगाल’ को जोर-शोर से शुरू करते हुए पार्टी ने राज्य को पांच जोनों में बांटा है। छह राज्यों से 12 वरिष्ठ नेताओं की तैनाती की गई है, जो अगले पांच महीनों तक ग्राउंड पर रहकर बूथ-लेवल स्ट्रक्चर मजबूत करेंगे। PM मोदी ने बिहार रैली में कहा, “गंगा बिहार से बहकर बंगाल पहुंची है, बिहार की जीत बंगाल की राह तैयार करेगी।” यह ‘पांडव प्लान’ TMC के किले को तोड़ने का मास्टरस्ट्रोक है, जहां BJP 160+ सीटों का टारगेट रखेगी। आइए जानते हैं
BJP के इस मेगा प्लान की पूरी डिटेल्स – जोन वाइज स्ट्रैटेजी, नेता तैनाती और TMC को चुनौती।
बिहार मॉडल की सफलता से प्रेरित: मिशन बंगाल का रोडमैप
बिहार में SIR प्रक्रिया से 65 लाख फर्जी वोटर हटाने और कास्ट मैट्रिक्स पर फोकस
से NDA ने 202 सीटें जीतीं।
अब BJP बंगाल में भी यही ‘बिहार मॉडल’ अपनाएगी – बूथ मैनेजमेंट, सोशल आउटरीच और ग्रासरूट मोबिलाइजेशन।
पार्टी ने राज्य को पांच जोनों में विभाजित किया: उत्तर बंगाल, दक्षिण बंगाल, कोलकाता, नबद्वीप-उत्तर 24 परगना और पूर्वी बंगाल।
हर जोन में छह राज्यों (छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान) से संगठन महामंत्रियों और सीनियर लीडर्स तैनात हैं।
ये नेता पांच महीने (नवंबर 2025 से अप्रैल 2026 तक) रहेंगे, TMC के पारंपरिक बेस में घुसपैठ करेंगे और ‘आउटसाइडर’ टैग हटाने पर काम करेंगे।
भूपेंद्र यादव को बंगाल चुनाव इंचार्ज बनाया गया, जबकि बिप्लब कुमार देब सह-इंचार्ज। JP नड्डा की 26 नवंबर की डिनर मीटिंग में बिहार स्ट्रैटेजी की समीक्षा हुई, जो बंगाल-असम के लिए रोडमैप बनेगी। BJP का लक्ष्य: TMC के 48% वोट शेयर को तोड़ना, लॉ एंड ऑर्डर, करप्शन, वेलफेयर गैप्स और बांग्लादेशी घुसपैठ पर अटैक।
जोन वाइज ‘पांडव प्लान’: 12 नेताओं की तैनाती
BJP ने हर जोन के लिए ‘हाई-इम्पैक्ट टीम’ तैयार की है। यहां डिटेल्स:
- उत्तर बंगाल जोन (मालदा-मुरशिदाबाद-सिलीगुड़ी): पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी सुपरवाइजर। BJP का ट्रेडिशनल स्ट्रॉन्गहोल्ड, लेकिन विस्तार की जरूरत। फोकस: बूथ नेटवर्क और सोशल इक्वेशन्स।
- दक्षिण बंगाल जोन (पुरुलिया-बर्धमान): छत्तीसगढ़ के पवन साय (संगठन महामंत्री) और उत्तराखंड मंत्री धन सिंह रावत। TMC के बेस में घुसपैठ, ऑर्गनाइजेशनल एक्सपैंशन पर जोर।
- कोलकाता जोन (दक्षिण 24 परगना): हिमाचल प्रदेश के संगठन
- सचिव एम सिद्धार्थन और पूर्व राष्ट्रीय महामंत्री सीटी रवि। TMC का मजबूत गढ़, यहां
- ‘डायनास्टिक पॉलिटिक्स’ (अभिषेक बनर्जी) पर अटैक।
- नबद्वीप-उत्तर 24 परगना जोन: आंध्र प्रदेश के एन माधुकर और पूर्व यूपी मंत्री सुरेश राणा।
- कम्युनल सेंसिटिविटी और बांग्लादेशी इन्फिल्ट्रेशन पर फोकस।
- पूर्वी बंगाल जोन: राजस्थान से अतिरिक्त सपोर्ट। TMC के स्ट्रॉन्गहोल्ड को तोड़ने के लिए ग्रासरूट वर्कर्स को टारगेट।
ये 12 नेता लोकल यूनिट्स के साथ मिलकर काम करेंगे, रूरल-उरबन टूर्स करेंगे।
TMC को चुनौती: ‘जंगल राज’ खत्म करने का वादा
PM मोदी ने बिहार स्पीच में साफ कहा, “बंगाल में जंगल राज खत्म करेंगे।
” BJP 2021 की हार से सीख ले रही –
‘आउटसाइडर’ इमेज हटाने के लिए श्यामा प्रसाद मुखर्जी की लिगेसी पर जोर।
TMC के SIR विवाद पर BJP ने कहा,
“फर्जी वोटर हटाना जरूरी।” ममता बनर्जी पर डायनास्टी और वीमेंस सेफ्टी पर अटैक होगा।
BJP स्टेट प्रेसिडेंट शमिक भट्टाचार्य ने कहा, “बिहार का SIR मॉडल बंगाल में लागू होगा।”









